अविश्वसनीय, अद्भुत और रोमाँचक: अंतरिक्ष

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अंतरिक्ष में तूफान

In अंतरिक्ष, सौरमण्डल on मई 2, 2013 at 9:57 पूर्वाह्न

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मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)

In अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन, सौरमण्डल on नवम्बर 28, 2011 at 7:00 पूर्वाह्न

’क्यूरियोसिटी’ का फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के द्वारा प्रक्षेपण

’क्यूरियोसिटी’ का फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के द्वारा प्रक्षेपण

अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार 26, नवंबर 2011 को मंगल ग्रह पर अब तक का अपना सबसे उत्कृष्ट रोबोटिक रोवर को भेज दिया है।

रोबोटिक रोवर क्यूरियोसिटी को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के ज़रिये अंतरिक्ष में भेजा गया। ‘रोबोटिक रोवर‘ यानी रोबोट के समान एक मशीन है जो अंतरिक्ष में जाकर मंगल के चारों ओर घूमेगी। ये एक बड़ी गाड़ी के आकार का घूमने वाला वाहन है। छह चक्कों वाले इस मोबाइल लेबॉरेटरी रोबोटिक रोवर का नाम क्यूरियोसिटी रखा गया है और इसका वज़न करीब एक टन है। क्यूरियोसिटी को ‘मार्स साइंस लैबोरेटरी’ (एमएसएल) के नाम से भी जाना जाता है।

क्यूरियोसिटी मंगल पर भेजे गए पूर्व के रोवर से पांच गुना भारी है, और इसके पास चूर हो चुके चट्टान नमूनों की जांच करने की क्षमता है। क्यूरियोसिटी का मुख्य काम ये पता करना है कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद था। ये मंगल ग्रह से मिट्टी के सैंपल इकट्ठा करेगा और कैमरे से इस ग्रह के सतह को स्कैन भी किया जाएगा। इसमें प्लूटोनियम बैटरी है जिससे इसे दस साल से भी ज़्यादा समय तक लगातार ऊर्जा मिलती रहेगी।

मंगल वाहन ’क्यूरियोसिटी’

मंगल वाहन ’क्यूरियोसिटी’

ये रोवर अगस्त 2012 में मंगल पर पहुंचेगा और यदि ये सफलतापूर्वक मंगल की सतह पर उतर गया तो ये रोवर दो वर्ष के अपने मिशन के दौरान इस बात की जांच करेगा कि क्या वहां का वातावरण सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए अनुकूल है या नहीं। प्रक्षेपण के 50 मिनट बाद नासा का यान से पहला संपर्क भी स्थापित हुआ है।

इस पूरे मिशन का कुल खर्च ढाई अरब डॉलर है।

मंगल पर जल की उपस्थिति के नये प्रमाण

In अंतरिक्ष, ग्रह, सौरमण्डल on अगस्त 9, 2011 at 7:00 पूर्वाह्न

मंगल पर यह गहरे रंग की मौसमी धारीयाँ कैसे बनी है?

मंगल पर यह गहरे रंग की मौसमी धारीयाँ कैसे बनी है?

मंगल ग्रह पर गहरे रंग की ये धारीयाँ कैसे बन रही हैं?

सबसे मुख्य अवधारणाओं मे से एक बहते हुये लेकिन तेजी से बाष्पित होने वाले द्रव जल की है। ये धारीयाँ इस चित्र के केन्द्र मे गहरे रंग मे दिखायी दे रही है, जोकि मंगल के बसंत मे दिखायी देती है लेकिन जाड़ो मे धूंधली हो जाती है। अगली गर्मीयो मे ये वापिस दिखायी देती है।

यह मंगल पर जल की उपस्थिति का  पहला प्रमाण नही है,लेकिन मौसमी निर्भरता दिखाने वाला पहला प्रमाण है। उपरोक्त चित्र मई 2011 मे लिया गया है। यह चित्र मार्स रीकानसेन्स आर्बीटर (Mars Reconnaissance Orbiter (MRO)) द्वारा लिए गये कई चित्रो को मिलाकर बना है।

यह मंगल ग्रह के मध्य दक्षिणी भाग मे स्थित  न्युटन क्रेटर की एक घाटी का  उन्नत रंग का चित्र है। ये धारीयाँ मंगल ग्रह की सतह के निचे  एकाधिक जगहों पर जल की उपस्थिति दर्शाती है, जिससे इस ग्रह पर जल आधारित जीवन की संभावना को बल मिलता है।

भविष्य के रोबोटीक उपकरणो, मार्स एक्सप्रेस तथा मार्स ओडीसी द्वारा किये जाने वाले निरिक्षण इस प्रमाण पर केन्द्रित होंगे और वे इस संभावना को प्रमाणित करने या रद्द करने मे सहायक होंगे।