अविश्वसनीय, अद्भुत और रोमाँचक: अंतरिक्ष

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अंतरिक्ष मे हीरो का हार!

In अंतरिक्ष, निहारीका on अगस्त 16, 2011 at 7:00 पूर्वाह्न

अंतरिक्ष मे हीरे का हार (पूर्णाकार मे देखने के लिए चित्र पर क्लीक करें)

अंतरिक्ष मे हीरे का हार (पूर्णाकार मे देखने के लिए चित्र पर क्लीक करें)

हब्बल द्वारा लीया गया यह चित्र एक ग्रहीय निहारिका का है, जो किसी मृत तारे द्वारा एक महाविस्फोट से निर्मीत है। इस निहारिका के केन्द्र मे दो तारे एक दूसरे की परिक्रमा कर रहें है। इन मे से एक तारा का आकार उसकी मृत्यु के समय बड़ता गया, औअर वह इतना फूल गया कि दूसरा तारा उसके द्वारा लगभग निगला जा चुका था। इस प्रक्रिया मे दोनो तारो का गुरुत्विय संतुलन बिगड़ गया और बड़े तारे के अभिकेन्द्र बल(Centripetal Force) के कारण उसका सारा पदार्थ कई प्रकाश वर्ष चौड़ी तश्तरी(Disk) के रूप मे फैल गया। इसके पश्चात जब मृत होते हुये तारे मे विस्फोट हुआ उस तारे की बाह्य परतो के अलग हो जाने से गर्म आंतरिक केन्द्र सामने आ गया। इस आंतरिक केन्द्र के प्रकट होने से पराबैंगनी किरणो द्वारा गैस गर्म होने लगी और यह निहारिका एक नियान साइन के जैसे जगमगाने लगी।

इसे नियान साइन की बजाये हमे हायड्रोजन/आक्सीजन/नाइट्रोजन साइन कहना ज्यादा उचित होगा। इस चित्र मे दिखायी दे रहा हरा निला और लाल रंग क्रमश: हायड्रोजन,आक्सीजन तथा नाइट्रोजन की चमक से है। लेकिन इस निहारिका के बाह्य वलय मे गुलाबी रंग के धब्बे भी है। जब इस निहारिका मे गैस का उत्सर्जन हो रहा था, गैस की गति बढ़ रही थी तथा घनत्व कम हो रहा था। तेज गैस का प्रवाह, धीमे गैस के प्रवाह से टकराया और इस तरह के धब्बे बने। इस चित्र मे केन्द्र से बाहर की ओर गैस का प्रवाह धारीयोँ के रूप मे देखा जा सकता है, यह वास्तविक है। तेज गैस का प्रवाह धीमे गैस के प्रवाह को काटकर ऐसी धारीयाँ बनाता है।

इस चित्र मे उपर दायें और निचे बाये कुछ लाल बुलबुले भी देखे जा सकते हैं। ये कीसी धुंधली विशालकाय रेतघड़ी(Hourglass) के आकार की निहारिका के उपरी और निचली टोपी हो सकती है। जिसका मध्य भाग इस नीली निहारिका की पृष्ठभूमी मे दब गया है।

समय के साथ ये ग्रहीय निहारिकायेँ मुझे और भी ज्यादा रोमांचित करने लगी हैं।

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