अविश्वसनीय, अद्भुत और रोमाँचक: अंतरिक्ष

Archive for the ‘अंतरिक्ष वाहन’ Category

अंतरिक्ष मे मानव की चहलकदमी

In अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन on जनवरी 3, 2012 at 4:04 पूर्वाह्न

यह चित्र 2001- अ स्पेस ओडीसी फिल्म का नही है।

अंतरिक्ष मे चहलकदमी करता मानव(पूर्णाकार के लिये चित्र पर क्लिक करें)

अंतरिक्ष मे चहलकदमी करता मानव(पूर्णाकार के लिये चित्र पर क्लिक करें)

यह चित्र है अमरीकी अंतरिक्ष शटल चैलेंजर के मालवाहक कक्ष से लगभग 100 मीटर दूरी पर ब्रुस मैककैन्ड्लेस द्वितीय का। किसी अंतरिक्ष यान से सबसे ज्यादा दूरी पर पहुंचने वाले प्रथम मानव। ब्रुस मानव संचालन इकाई (Manned Maneuvering Unit -MMU) के प्रयोग से अंतरिक्ष मे स्वतंत्र रूप से तैर रहे थे। ब्रुस और नासा के सहयोगी अंतरिक्षयात्री राबर्ट स्टीवार्ट इस तरह की अंतरिक्ष चहलकदमी करनेवाले प्रथम अंतरिक्ष यात्री थे, जिसमे वे किसी डोर से अंतरिक्ष यान से बंधे नही थे। यह चहलकदमी 1984 मे अमरीकी अंतरिक्ष शटल के 41B अभियान के दौरान की गयी थी। इस दौरान MMU नाइट्रोजन गैसे के उत्सर्जन जेट द्वारा नियंत्रीत होता है और इसे उपग्रहो की स्थापना और मरम्मत के लिये प्रयोग किया जाता है। इसका द्रव्यमान 140 किग्रा है लेकिन अंतरिक्ष मे अन्य वस्तुओं की तरह भारहीन होता है। वर्तमान मे MMU की जगह पिठ पर बांधे जाने वाले ज्यादा सुरक्षित SAFER का प्रयोग होता है।

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वर्ष 2011 के खूबसूरत चित्र

In अंतरिक्ष, अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन, आकाशगंगा, ग्रह, तारे, निहारीका on दिसम्बर 29, 2011 at 5:25 पूर्वाह्न

इस सप्ताह वर्ष 2011 की कुछ सबसे बेहतरीन , सबसे खूबसूरत अंतरिक्ष के चित्रो का एक संकलन।

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मंगल की यात्रा पर मानव उत्सुकता (मंगल शोध वाहन ’क्यूरियोसिटी ’)

In अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन, सौरमण्डल on नवम्बर 28, 2011 at 7:00 पूर्वाह्न

’क्यूरियोसिटी’ का फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के द्वारा प्रक्षेपण

’क्यूरियोसिटी’ का फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के द्वारा प्रक्षेपण

अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शनिवार 26, नवंबर 2011 को मंगल ग्रह पर अब तक का अपना सबसे उत्कृष्ट रोबोटिक रोवर को भेज दिया है।

रोबोटिक रोवर क्यूरियोसिटी को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एक एटलस रॉकेट के ज़रिये अंतरिक्ष में भेजा गया। ‘रोबोटिक रोवर‘ यानी रोबोट के समान एक मशीन है जो अंतरिक्ष में जाकर मंगल के चारों ओर घूमेगी। ये एक बड़ी गाड़ी के आकार का घूमने वाला वाहन है। छह चक्कों वाले इस मोबाइल लेबॉरेटरी रोबोटिक रोवर का नाम क्यूरियोसिटी रखा गया है और इसका वज़न करीब एक टन है। क्यूरियोसिटी को ‘मार्स साइंस लैबोरेटरी’ (एमएसएल) के नाम से भी जाना जाता है।

क्यूरियोसिटी मंगल पर भेजे गए पूर्व के रोवर से पांच गुना भारी है, और इसके पास चूर हो चुके चट्टान नमूनों की जांच करने की क्षमता है। क्यूरियोसिटी का मुख्य काम ये पता करना है कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद था। ये मंगल ग्रह से मिट्टी के सैंपल इकट्ठा करेगा और कैमरे से इस ग्रह के सतह को स्कैन भी किया जाएगा। इसमें प्लूटोनियम बैटरी है जिससे इसे दस साल से भी ज़्यादा समय तक लगातार ऊर्जा मिलती रहेगी।

मंगल वाहन ’क्यूरियोसिटी’

मंगल वाहन ’क्यूरियोसिटी’

ये रोवर अगस्त 2012 में मंगल पर पहुंचेगा और यदि ये सफलतापूर्वक मंगल की सतह पर उतर गया तो ये रोवर दो वर्ष के अपने मिशन के दौरान इस बात की जांच करेगा कि क्या वहां का वातावरण सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए अनुकूल है या नहीं। प्रक्षेपण के 50 मिनट बाद नासा का यान से पहला संपर्क भी स्थापित हुआ है।

इस पूरे मिशन का कुल खर्च ढाई अरब डॉलर है।

मंगल शोध वाहन ’स्प्रिट’ के अभियान का अंत: अलविदा ’स्प्रिट’!

In अंतरिक्ष वाहन on मई 26, 2011 at 7:20 पूर्वाह्न

मंगल ग्रह पर स्प्रिट शोध वाहन

मंगल ग्रह पर स्प्रिट शोध वाहन

नासा ने एक वर्ष तक “स्प्रिट” (मगंल ग्रह शोध वाहन) से पुनः संपर्क स्थापित करने के असफल प्रयासो के पश्चात इस अभियान को बंद करने का निर्णय लिया है। ४ जनवरी २००४ को प्रक्षेपित स्प्रिट वाहन अब सभी प्रायोगिक कारणो से ’मृत’ है।

स्प्रिट वाहन से अंतिम संदेश मार्च २०१० मे प्राप्त हुआ था, उस समय मंगल ग्रह पर स्प्रिट यान के स्थान पर गर्मियों का प्रारंभ हो रहा था। यह आशा थी कि गर्मियों मे स्प्रिट वाहन की बैटरीयां पुनः चार्ज होकर वाहन को पुनर्जिवित कर देंगी। लेकिन कई महीनो के प्रयासो के बाद भी स्प्रिट से संपर्क स्थापित नही हो पाया है।

कुछ ही महीनो पश्चात एक नये मंगल अनुसंधान वाहन “क्युरीओसीटी(जिज्ञासा)” का प्रक्षेपण होने जा रहा है। यह वाहन गोल्फ गाड़ी के आकार का है और स्प्रिट से बेहतर उपकरण लिए है। स्प्रिट के संचार मे प्रयोग किये जा रहे संचार उपग्रहो तथा मंगल की कक्षा के उपग्रहों को अब “क्युरीओसीटी” के लिये उपयोग मे लाया जायेगा।

स्प्रिट की मृत्यु दुःखद है। यह एक बेहतरीन वाहन था। इस वाहन ने आशा से ज्यादा कार्य किया है,अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा। इसे ९० मंगल दिवसो (९२ पृथ्वी दिवसो) के लिए बनाया गया था लेकिन इसने छः वर्षो से ज्यादा कार्य किया है। एक कार या कम्प्यूटर की कल्पना किजीये जिसने अपनी वारंटी से २५ गुणा ज्यादा कार्य किया हो! या किसी मनुष्य के १५०० वर्षो तक जीवन की कल्पना किजीये!

स्प्रिट यह नासा के सबसे ज्यादा सफल अभियानो मे से एक है। इसका जुड़वा “ओपरचुनीटी” अभी भी कार्यरत है।

इतिहास मे जब भी सफल अंतरिक्ष अभियानो का उल्लेख होगा उसमे शायद “वायेजर यानो” के साथ स्प्रिट का नाम भी सुनहरे अक्षरो मे लिखा जायेगा!

अलविदा “स्प्रिट” !

मानव की पहली अंतरिक्ष उड़ान के 50 वर्ष : 12 अप्रैल 1961-यूरी गागरीन

In अंतरिक्ष, अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन, वैज्ञानिक on अप्रैल 12, 2011 at 7:00 पूर्वाह्न

यूरी गागारिन: प्रथम अंतरिक्ष यात्री

यूरी गागारिन: प्रथम अंतरिक्ष यात्री

आज ही के दिन पचास वर्ष पहले बारह अप्रैल 1961 सोवियत संघ के यूरी गागारिन ने पृथ्वी का एक चक्कर लगाकर अंतरिक्ष में मानव उड़ान के युग की शुरुआत की थी। अंतरिक्ष में उन्होंने 108 मिनट की उड़ान भरी। जैसे ही रॉकेट छोड़ा गया गागारिन ने कहा, “पोयेख़ाली“, जिसका अर्थ होता है  “अब हम चले“।
ये एक मजेदार तथ्य है कि युरी को इस अभियान के लिए उन की कम उंचाई के कारण चुना गया था,कुल पाँच फ़ुट दो इंच के गागारिन अंतरिक्ष यान के कैपसूल में आसानी से फ़िट हो सकते थे।

उड़ान के बाद जब वो अंतरिक्ष में पहुँचे तो पृथ्वी का प्रभामंडल देखकर हतप्रभ थे। उन्होंने आश्चर्यचकित होते हुए कहा कि पृथ्वी की सतह पर पड़ने वाली बादलों की छाँव अदभुत दृश्य का निर्माण कर रही है।

अंतरिक्ष की इस पहली उड़ान के दौरान यूरी गागारिन का अपने यान पर कोई नियंत्रण नहीं था। लेकिन इस बात को लेकर भी चिंता थी कि अगर धरती से अंतरिक्ष यान का नियंत्रण नहीं सध पाया तो क्या होगा।इसके लिए यूरी गागारिन को एक मुहरबंद लिफ़ाफ़े में कुछ कोड दिए गए थे जिनके ज़रिए वो आपात स्थिति में यान को नियंत्रित कर सकते थे। लौटते वक़्त उनका यान लगभग बरबादी के कगार पर पहुँच गया था. लेकिन इसका पता बाद में लगा। गागारिन के कैप्सूल को दूसरे मॉड्यूल से जोड़ने वाले तार लौटते वक़्त ख़ुद से अलग नहीं हुए और पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते ही उनका कैपसूल आग की लपटों में घिर गया।गागारिन ने

बाद में उस घटना को याद करते हुए कहा, “मैं धरती की ओर बढ़ते हुए एक आग के गोले के भीतर था।

पूरे दस मिनट तक आग में घिरे रहने के बाद किसी तरह तार जले और उनका कैप्सूल अलग हुआ। धरती पर लौटने से पहले ही यूरी गागारिन एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय शख़्सियत बन चुके थे।

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श्रोत : बीबीसी हिन्दी

मंगल ग्रह पर “आपर्च्युनिटी” के सात वर्ष

In अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष वाहन on फ़रवरी 2, 2011 at 10:42 पूर्वाह्न

मंगल पर आपर्च्युनिटी वाहन (पूर्णाकार के लिये चित्र पर क्लिक करे)

मंगल पर आपर्च्युनिटी वाहन (पूर्णाकार के लिये चित्र पर क्लिक करे)

लाल ग्रह मंगल की सतह पर सात वर्ष पूरे करने के बाद मंगल अण्वेषण वाहन “आपर्च्युनीटी” ९० मीटर चौड़े सांता मारिया क्रेटर के किनारे खड़ा है। आश्चर्यजनक रूप से “आपर्च्युनीटी” और उसके जुड़वा “रोवर स्प्रिट” को केवल ३ महीने लंबे प्राथमिक अभियान के लिये २००३ भेजा गया था, सात वर्ष पूरे करने के बाद भी ये वाहन कार्यरत है। यह वाहन मंगल ग्रह पर अब तक २६ किमी से ज्यादा  यात्रा कर चूका है। गोल्फ गाड़ी या आटो रिक्षा के आकार के इस वाहन और उसकी छाया को इस चित्र मे देखा जा सकता है। यह चित्र भी इसी मंगल अण्वेषण वाहन “आपर्च्युनीटी” से लिया गया है।