अविश्वसनीय, अद्भुत और रोमाँचक: अंतरिक्ष

चन्द्रमा पर सबसे तेज वाहन : अपोलो १६

In चन्द्र अभियान on मार्च 3, 2007 at 1:25 पूर्वाह्न

अपोलो १६ यह अपोलो कार्यक्रम का दसंवा मानव अभियान और चन्द्रमा पर अवतरण करने वाला पांचवां अभियान था।

चन्द्रमा का पैनोरोमिक दृश्य

चन्द्रमा का पैनोरोमिक दृश्य


यात्री दल
जान डब्ल्यु यंग (John W. Young) : ४ अंतरिक्ष यात्राये, कमांडर
थामस केन मैटींगली जुनियर (Thomas K. (Ken) Mattingly Jr) : १ अंतरिक्ष यात्रा, नियंत्रण यान चालक
चार्ल्स ड्युक  जुनियर (Charles Duke Jr.) : १ अंतरिक्ष यात्रा चन्द्रयान चालक

मैटींगली, यंग और ड्युक

मैटींगली, यंग और ड्युक


वैकल्पिक यात्री दल

फ्रेड हैसे (Fred Haise) : कमांडर, अपोलो १३ और स्पेशशटल एन्टरप्राईज का अनुभव
स्टुवर्ट रूसा(Stuart Roosa) : नियंत्रण यान चालक , अपोलो १४ का अनुभव
एडगर मिशेल (Edgar Mitchell): चन्द्रयान चालक,अपोलो १४ का अनुभव

अभियान के आंकडे़
प्रक्षेपित द्रव्यमान : २,९२१,००५ किग्रा
यान का द्रव्यमान : ४६,७८२ किग्रा
चन्द्रयान का द्रव्यमान : १६,४४४ किग्रा
नियंत्रण यान का द्रव्यमान: ३०,३५४ किग्रा

पृथ्वी की परिक्रमा : ३ चन्द्रमा की ओर जाने से पहले, १ आने के बाद
चन्द्रमा की परिक्रमा : ६४

चन्द्रयान का मुख्य नियंत्रण यान से विच्छेद: २० अप्रैल १९७२ को १८:०७:३१ बजे
चन्द्रयान का मुख्य नियंत्रण यान से पुनः जुड़ना: २४ अप्रैल १९७२ को ०३:३५:१८ बजे

यान बाह्य गतिविधीयां

यान बाह्य गतिविधी १: यंग और ड्युक
प्रारंभ: २१ अप्रैल १९७२ को १६:४७:२८ बजे
अंत: २१ अप्रैल को २३:५८:४० बजे
समय: ७ घंटे, ११ मिनिट और २ सेकंड

यान बाह्य गतिविधी २: यंग और ड्युक
प्रारंभ: २२ अप्रैल १९७२ को १६:३३:३५ बजे
अंत: २२ अप्रैल को २३:५६:४४ बजे
समय: ७ घंटे, २३ मिनिट और ९ सेकंड

यान बाह्य गतिविधी ३: यंग और ड्युक
प्रारंभ: २३ अप्रैल १९७२ को १५:२५:२८ बजे
अंत: २३ अप्रैल को २१:०५:०३ बजे
समय: ५ घंटे, ४० मिनिट और ३ सेकंड

यान बाह्य गतिविधी ४: पृथ्वी की वापिसी के समय मैटींगली
प्रारंभ: २५ अप्रैल १९७२ को २०:३३:४६ बजे
अंत: २५ अप्रैल को २१:५७:२८ बजे
समय: १ घंटे, २३ मिनिट और ४२सेकंड

यान पृथ्वी पर क्रिस्मस द्वीप के पास गीरा और इसे यु एस एस टेकोन्डरोगा(USS Ticonderoga) जहाज ने उठाया।

अभियान

यह एक J अभियान था और इसमे भी एक चन्द्र वाहन ले जाया गया था। इस अभियान ने कुल ९४.७ किग्रा नमुने जमा कर पृथ्वी पर लाये गये थे।
इस अभियान मे भी अपोलो १५ की तरह पृथ्वी की ओर वापिसी की दौरान  यान से बाहर आकर कैमरो से फिल्म कैसेट निकाली गयी थी। चन्द्रमा की कक्षा मे इस यान ने एक चन्द्रमा की कक्षा मे उपग्रह छोड़ा था , जिसने चन्द्रमा की ३४ दिनो तक ४२५ परिक्रमायें की। इस उपग्रह का द्र्व्यमान ३६.३ किग्रा था। इस अभियान ने चन्द्रमा के मार्ग से पृथ्वी के भी कई तस्वीरे ली थी।

अपोलो १६ द्वारा चन्द्रमा पर उतरने का स्थान

अपोलो १६ द्वारा चन्द्रमा पर उतरने का स्थान


चन्द्रमा पर उतरने से पहले जब चन्द्रयान(ओरीयान) मुख्य नियंत्रण यान(कैस्पर) से अलग हो चुका था, तब मुख्य नियंत्रण यान के एक इंजन मे समस्या उतपन्न हो गयी थी। चन्द्रमा पर अवतरण को रद्द करने के संकेत मील गये थे। लेकिन पाया गया कि खतरा ज्यादा बड़ा नही है और चन्द्रयान मुख्य यान से अलग हो चुका है इसलिये चन्द्रयान को चन्द्रमा पर उतरने के लिये कहा गया। लेकिन अभियान को चार दिन से एक दिन कम कर तीन दिन का कर दिया गया।

अपोलो १६ द्वारा चन्द्रमा छोडी गयी प्लेट

अपोलो १६ द्वारा चन्द्रमा छोडी गयी प्लेट


यंग और ड्युक ने चन्द्रमा पर तीन दिन बिताये और डेस्कार्टेस पठार का निरिक्षण किया जबकि मैटींगली चन्द्रमा की कक्षा मे प्रयोग करते रहे। यात्रीयो ने चन्द्रमा पर एक स्थान जिसे ज्वालामुखी के रूप मे जाना जाता था , असल मे उलका आगातो से बना पथरीला इलाका है। उन्होने इस स्थान से एक बड़ी चट्टान ( ११.७ किग्रा) ले कर आये जिसे बाद मे ‘बीग मुले‘ नाम दिया गया।

यंग चन्द्रयान और चन्द्रवाहन के पास

यंग चन्द्रयान और चन्द्रवाहन के पास


यंग अमरीकी ध्वज को सलाम करते हुये

यंग अमरीकी ध्वज को सलाम करते हुये

इस अभियान के दौरान उन्होने चन्द्रमा पर १८ किमी/घंटा की गति से चन्द्रवाहन को चलाया जो कि एक रिकार्ड है।


  1. आप को एंव आपके समस्त परिवार को होली की शुभकामना..
    आपका आने वाला हर दिन रंगमय, स्वास्थयमय व आन्नदमय हो
    होली मुबारक

  2. बरमुडा का त्रिकोणीय समुन्द्र जिसे प्रथ्बी का ब्लैक होल भी कहते है। यहाँ से जाने वाले अधिकतर यानो को इसने अपने ओर आकर्षित करके अपने अन्दर विलीन कर लेता हैँ। इस समुन्द्र मेँ अनेक से जलयान , वायुयान इसके बवडंर मेँ फस कर अपनी समाधि ले चुके हैँ। आगे बाद मेँ! विवेक राय,यू.पी. ,मऊ,दोहरीघाट,रामपुर

  3. बरमुडा का त्रिकोणीय समुन्द्र जिसे प्रथ्बी का ब्लैक होल भी कहते है। यहाँ से जाने वाले अधिकतर यानो को इसने अपने ओर आकर्षित करके अपने अन्दर विलीन कर लेता हैँ। इस समुन्द्र मेँ अनेक से जलयान , वायुयान इसके बवडंर मेँ फस कर अपनी समाधि ले चुके हैँ।

    main is bare main ye kahonga ki aliens is raste ka parvoeg karte hain.

    Aliens hain lakin bhaot dor untak pahojna moshkil hain lakin na momkin nahi.

    ager apan jese log antrish main jaye to bahot khojh pata laga sakte hain.

  4. हाय! मेरा नाम विवेक राय है,अगर आपको मैथ्स के प्रश्न हल करना है तो Mathguru.com साइट पर जाये।यह साइट मैथ्स की टेक्स्ट बुक्स के सभी प्रश्नो का स्टेप बाई स्टेप हल पेश करती है।प्रश्नो के हल टाप स्कुलो के एक्सपट्स द्वारा पेश किए जाते है और उन्हे पूरी सहजता के साथ स्टुडेँट्स को दिया जाता है।सवालो को समझाने का तरीका बिल्कुल वैसा है ,जैसे कि कोई स्कुल टिचर आपको समझा रहेँ हो। और कोई अन्य जानकारी अगर (जैसे-जनरल नालेज,विषय सम्बंधि,स्कालरशिप ) चाहिये तो मेरे मोबाईल नम्बर- 9936676121 पर काल करे अगर आप यू.पी. से बाहर के रहने वाले है तो मेरे नम्बर के आगे 0 लगाकर काल करेँ। विवेक राय,रामपुर,दोहरीघाट,मऊ

  5. Tarif Singh is President of Optimist Organisation Bharat. Optimist Organsiation is a non governmental organisation.

इस लेख पर आपकी राय:

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: