February 7, 2007 – 1:31 am
अपोलो ४ यह अपोलो अभियान का दूसरा यान था। यह सैटर्न ५ राकेट की पहली मानवरहित उडान थी। राकेट के दो चरण S-IC और S-II की भी यह पहली उडान थी।
सैटर्न ५ यह मानव द्वारा बनाया गया सबसे बडा वाहन था। इसकी उडान के लिये एक नया लांचपैड लांच कांपलेक्स ३९ बनाया गया था। चरण [...]
February 6, 2007 – 1:50 am
पृथ्वी और चन्द्रमा
चन्द्रमा यह मानव मन को सदीयो से ललचाता रहा है। कवियो ने इस चन्द्रमा के लिये क्या क्या नही लिखा। विज्ञानीयो के लिये भी चन्द्रमा एक कुतुहल का विषय रहा। जब मानव पृथ्वी की सीमा को लांघ का ब्रम्हांड की गहराईयो मे गोते लगाने निकला , तब चन्द्रमा उसका पहला पडाव था। अपोलो [...]
February 5, 2007 – 2:36 pm
२० जुलाई १९६९ एक मानव ने चंद्रमा पर अपना पहला कदम रखा। यह चित्र उसी ऐतिहासीक कदम का है। यह पदचिन्ह और चन्द्रमा पर पहुचने वाले प्रथम मानव का श्रेय नील आर्मस्ट्रांग को जाता है। यह अनुमान है की एक अरब लोगो ने आर्मस्ट्रांग के इस पहले कदम को देखा होगा। इस कदम का वीडीयो [...]
February 4, 2007 – 1:15 am
युरेनस ,उसके वलय और चन्द्रमा
वलय केवल शनि के पास ही नही है, अन्य गैसीय ग्रह गुरू, युरेनस और नेपच्युन के भी वलय है। इस चित्र मे युरेनस, उसके वलय और चन्द्रमा दिखायी दे रहे है।
यह आधुनिक काल का पहला खोजा हुआ ग्रह है, इसे १३ मार्च १७८१ मे विलीयम हर्शेल ने खोज निकाला था। यह [...]
February 3, 2007 – 1:34 am
M2-9 : तितली निहारीका के पंख
क्या तारे अपनी मृत्यु के बाद ज्यादा कलात्मक हो जाते है ? चित्र देख कर तो ऐसा ही प्रतित होता है। वे अपनी मत्यु के पश्चात एक सुंदर और अनुठी ब्रम्हांडिय कलाकृती का निर्माण करते है।
इस चित्र मे हमारे सूर्य के जैसे ही एक कम द्रव्यमान वाला तारा M2-9 अपनी [...]
February 2, 2007 – 10:15 am
होग का पिण्ड: एक विचीत्र आकाशगंगा
इस चित्र मे एक आकाशगंगा है या दो ?
अंतरिक्ष विज्ञानीयो के मन मे यह प्रश्न उस समय खडा हुआ जब विज्ञानी आर्ट होग(Art Hoag) ने इस असामान्य पराआकाशगंगीय(extragalactic) पिण्ड का निरिक्षण किया।
इस तस्वीर मे बाहरी छल्लानुमा आकार नये और चमकदार निले तारो से बना है जबकी केन्द्रीय गोलाकार संरचना बुढे [...]
February 1, 2007 – 11:17 am
एक तारा कितना विशाल हो सकता है ?
खुले तारासमुह पिसमीस २४ मे एक तारे के बारे मे अनुमान है कि वह सूर्य से २०० गुना बडा हो सकता है जो कि एक रिकार्ड है। यह अनुमान उसकी पृथ्वी से दूरी, चमक और मानक सौर माडलो पर आधारीत है।
महाकाय तारा पिसमीस २४-१
चित्र मे यह तारा [...]