किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना

किसी श्याम विवर द्वारा एक तारे को चीरना (x किरण उत्सर्जन  द्वारा पाये गये सबुत) 

किसी तारे को कौन चीर सकता है ? एक श्याम विवर ।

एक महाकाय श्याम विवर किसी पास से गुजरते तारे को चीर सकता है। श्याम विवर के गुरुत्व से उस बल तारे से इतनी तेजी से गैसो का प्रवाह निकलेगा की तारा उपर चित्र मे दिखाये अनुसार खिंच जायेगा। गैस का यह प्रवाह श्याम विवर मे समाना शुरु हो जायेगा। श्याम विवर मे गिरती हुयी ये गैसे x किरणो का उत्सर्जन करना शुरू कर देंगी यह उत्सर्जन एक विस्फोट की शक्ल मे हो सकता है।एक ऐसा ही xकिरणो का विस्फोटेक आकाशगंगा RX J1242-11 के मध्य मे पाया गया है। उपर दिया गया चित्र एक कलाकार की कल्पना से है। इस तरह की घटना काफी कम होती है लगभग १०००० साल मे एक।

2 टिप्पणियां

  1. Posted January 15, 2007 at 12:06 pm | Permalink

    क्या श्याम वीवर के पास जाने वाली हर वस्तू इसी तरह लम्बी हो जायेगी? और क्या यह सही है कि शाम वीवर के अंदर समय रूक जाता है यानि अगर मैं अंदर जा कर बाहर निकलता हूँ ( निकल तो नहीं सकता पर अगर मानिये ऐसा हो सका तो) तो क्या मेरे पृथ्वी पर लौटने तक यहाँ अरबों वर्ष व्यतीत हो चुके होंगे पर मेरी आयु में कोई कमी नहीं होगी?

  2. Posted January 15, 2007 at 4:39 pm | Permalink

    सागर जी,

    यह चित्र एक शुरुवाती अवस्था का है जब तारा श्याम विवर के पास पहुंचा है। श्याम विवर इस तारे को पूरा निगल सकता है या बूरी तरह से आकार बिगाड सकता है।
    आपके दूसरे प्रश्न के लिये विज्ञान विश्व http://vigyan.wordpress.com पढते रहीये।
    अभी हाल के अंक मे मैने काल-अंतराल(space -time) की चर्चा की है , इसके बाद मै घटना क्षितिज और उसके बाद श्याम विवर की चर्चा करुंगा । ये तिनो एक दूसरे से जुडे विषय है।


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