Monthly Archives: January 2007

सुंदरता का राज

शनि की सुंदरता का राज क्या है ? निश्चय ही उसके सुंदर वलय !
१७०० मे जब गैलेलियो ने शनि को अपनी दूरबीन से देखा तो वह आश्चर्यचकित रह गया। उसे शनि के दोनो ओर उभार दिखायी दिये। उसने अपने सहयोगी से कहा “ऐसा लगता है कि शनि के दो कान भी है [...]

दो सितारों का मिलन !

ये क्या हो रहा है ? क्या किसी जलधारा मे दो भंवरो का मिलन है ?
ये मिलन ही है लेकिन जमीं पर नही आकाश मे, दो सितारों का नही दो आकाशगंगाओ का!
आज से खरबो वर्ष बाद सिर्फ इनमे से एक ही आकाशगंगा बचेगी। तब तक दोनो पेंचदार(Spiral) आकाशगंगाये NGC 2207 और IC 2163 धीरे धीरे [...]

लाखों तारे आसमां मे

सामान्यत: तारे अकेले ना होकर एक समुह(Cluster) मे रहते है। तारासमुह दो तरह के होते है खुले हुये और गोलाकार ।
खुले हुये तारासमुह
ये कभी कभी आकाशगंगीय तारा समुह भी कहलाते है क्योंकि ये तारासमुह तुलनात्मक दृष्टी से हमारे करीब तो है ही और वे हमारी आकाशगंगा मंदाकीनी मे हमारे प्रतल मे ही है। खुले [...]

ब्रम्हाण्ड मे एक समुद्री बीच

 ब्रम्हाण्डीय बीच(beach) पर रेत के कणो के जैसे फैले हुये तारे! यह तस्वीर है एक स्पायरल के आकार की आकाशगंगा NGC 1313 की। तस्वीर हब्बल दूरबीन से ली गयी है। गैलेलीयो की दूरबीन से लेकर हब्बल दूरबीन तक का यह सफर कितना रोमांचक है ?
आज तकनिक इतनी उन्नत हो गयी है कि हब्बल १४० लाख [...]

न्युट्रान तारे और पल्सर

न्युट्रान तारे ये मृत तारे का अत्यंत सघन रूप है, जो कि सिर्फ न्युट्रान से बने होते है। न्युट्रान तारो का एक उपवर्ग पल्सर भी है। इन्हे पल्सर इसलिये कहा जाता है क्योंकि ये विद्युत चुंबकिय विकीरण(Electro Magnetic radiation) की पल्स उत्सर्जीत करते रहते है।
न्युट्रान तारा
नाम के अनुसार ये तारे न्युट्रान से बने होते है। [...]

तारों का जीवन और मृत्यु

सितारे का जिवनचक्र
सामान्यतः सितारे का जीवन चक्र दो तरह का होता है और लगभग सभी तारे इन दो जीवन चक्र मे से किसी एक का पालन करते है। इन दो जीवन चक्र मे चयन का पैमाना उस तारे का द्रव्यमान होता है। कोई भी तारा जिसका द्रव्यमान तीन सौर द्रव्यमान(१ सौर द्रव्यमान: [...]

सितारो का जन्म

निहारीका (Nebula)   एक ब्रम्हाण्डीय नर्सरी होती है जहाँ तारों का जन्म होता है। यह  एक धूल और गैसों का बादल होता है । सभी तारों का जन्म निहारिका से होता है सिर्फ कुछ दुर्लभ अवसरो को छोड़कर जिसमे दो न्यूट्रॉन तारे एक श्याम विवर बनाते है। वैसे भी न्यूट्रॉन तारे और श्याम विवर को मृत [...]

भगवान की अंगुठी

M104 की साधारण प्रकाशीय (Optical) तस्वीर
सोम्ब्रेरो आकाशगंगा एक गोल टोपी या हैट के जैसे क्यो दिखायी देती है ?
इसके कारणो मे है इस आकाशगंगा के मध्य मे आसाधारण रूप से बडा और विस्तारीत तारो का उभार और श्याम धुल की रेखाये जो एक तश्तरीनुमा आकार मे इसके किनारे दिखायी देती है!
इस आकाशगंगा के मध्य मे [...]

सुरज के बौने बेटे

१सेरस -सबसे बडा क्षुद्र ग्रह
क्षुद्र ग्रह पथरीले और धातुओ के ऐसे पिंड है जो सूर्य की परिक्रमा करते है लेकिन इतने लघु है कि इन्हे ग्रह नही कहा जा सकता। इन्हे लघु ग्रह या क्षुद्र ग्रह कहते है। इनका आकार १००० किमी व्यास के सेरस से १ से २ इंच के पत्थर के टुकडो तक [...]

पाताल का देवता और मौत का नाविक

प्लुटो , शेरान ,निक्स और हायड्रा
प्लूटो यह सूर्य का नौंवा ग्रह हुआ करता था !
यह इतना छोटा है कि सौरमंडल के सात चन्द्रमा (हमारे चन्द्रमा सहित) इससे बड़े है। प्लूटो से बड़े अन्य चन्द्रमा है, गुरु के चन्द्रमा आयो, युरोपा, गीनीमेड और कैलीस्टो; शनि का चन्द्रमा टाइटन और नेप्च्यून का ट्राइटन। इस [...]